भविष्य के मार्ग का आधार पूर्वजो के अनुभव के साथ

मेरे प्रिय बेटी अनिका,

   आज जब मैं यह पोस्ट लिख रहा हूँ, तो मेरे सामने दो दुनियाएँ हैं एक जो मैंने जीया है, और दूसरा जिसमें तुम बड़ी हो रही हो। तुम्हारा जन्म जैन अल्फा (Gen Alpha) के अंत और जैन बीटा (Gen Beta) की शुरुआत के समय हुआ है, जबकि तुम्हारे पिता यानी मै जैन मिलेनियम से हूँ। यानी हमारे बीच तकनिकी रूप से केवल सालों का नहीं, बल्कि युगों का अंतर है।

अनिका, तुम उस पीढ़ी से हो जहाँ तुम्हारी पहली तस्वीर के लिए किसी को कैमरामैन को नहीं बुलाना पड़ा बल्कि स्मार्टफोन से तुम्हारी छवि तुरंत कैद हो गई। मेरे समय में तस्वीरें खिंचवाई जाती थीं, आज ली जाती हैं। मैंने अपना बचपन बिना इंटरनेट के गलियों में गिल्ली-डंडा खेलकर, खुद से अखबार और गोंद के जगह पका हुआ चावल का प्रयोग कर पतंग बनाकर उड़ाना और टायर चलाना, गोली खेलकर बिताया है। रविवार को 50-60 बच्चों के साथ मोहल्ले में इकट्ठा होकर शक्तिमान देखना एक सामाजिक उत्सव था। एक वो दौर था जहाँ मै पुरा गाँव धुमता समाजिक दादा - दादी, चाचा-चाची, जैसे रिस्ते हुआ करते थे। लेकिन समय बदल गया है, जहाँ अब न तो लोगो के पास अपने परिवार के लिए समय होता है तो समाजिक समय तो खुद ब खुद कम हो गई है।

तुम्हारी पीढ़ी डिजिटल जुड़ाव की है। मुझे डर है कि तुम वह फिजिकल जुड़ाव महसूस नहीं कर पाओगी, जहाँ हम साथ खेलते थे, झगड़ते थे और फिर उसकी शिकायत दादा-दादी से करते थे। एक पिता के रूप में मेरी कोशिश रहेगी कि मैं तुम्हें उस पुराने दौर की खुशनुमा झलकियाँ दे सकूं, ताकि तुम इस तेज रफ्तार युग में अपना अस्तित्व न खो दो।
सामाजिक सोच और सुरक्षा का द्वंद्व
मेरे जन्म के समय समाज में बेटे का जन्म “निश्चितता” का प्रतीक माना जाता था। लेकिन आज तुम्हारे समय में, सरकारी नीतियों के कारण लिंगानुपात Sex Ratio) में सुधार हुआ है। फिर भी, एक पिता का मन सामाजिक सुरक्षा को लेकर आशंकित रहेगा ही। मेरा सपना है कि तुम इतनी सशक्त बनो कि अपनी सुरक्षा खुद कर सको। इसके लिए तुम्हें अपनी बैद्धिक चेतना हो बढ़ाना होगा, जिसमें लोगो के शब्द से ज्यादा उस शब्द के पीछे छीपे मंशा को समझना सीखना होगा। तुम्हारे सामने ऐसा समाज होगा जिनके चेहरे पर कईपर्दे होगें तुम्हे उन पर्दो को हटाकर असली चेहरा देखना सींखना होगा। और यह सब किताबें पढ़कर नहीं लोगों को पढ़कर तुम जान पाओगी। बेटा असली सफलता तब आती है जब हम किताबों में लिखे ज्ञान के साथ- साथ समाजिक तथा लोगों के समझने के ज्ञान को हासिल करते है। अक्सर वहीं बच्चे बिखर जाते है जिनके पास समाजिक ज्ञान कम होता है।
समय, करियर और उम्र का गणित
एक फिल्म “3 इडियट” का लाईन है- “अगर तुम तेज नहीं भागोगें तो कोई तुमको कुचलकर आगे निकल जाएगा।” जीवन रास्ते की तरह नहीं है जहाँ एक तरफ तेज भागकर मंजिल हासिल की जा सकती है। हमे यह देखना होता है कि, अपने फैसलों पर आगे बढ़ने से पीछे क्या छुट रहा है। जैसे तुम्हारे सामने एक उदाहरण रखता हुँ -
आज करियर की दौड़ में शादियाँ देरी से (30 वर्ष के आसपास) हो रही हैं। इसका एक मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभाव भी पड़ रहा है। देरी से माता-पिता बनने का एक नुकसान यह है कि जब तुम अपने पैरों पर खड़ी होने की कोशिश कर रही होगी, मैं शायद रिटायरमेंट के करीब होऊँगा। इसका मतलब यह नहीं की हमें जल्दी सादी कर लेनी चाहिए। यहाँ यह समझना है कि हमारे एक र्निनय का प्रभव दूसरे जगह पड़ता है।
इसलिए करियर और अगली पीढ़ी की जिम्मेदारी को भौतिकी के Center of Mass की तरह देखों जिसके आधार पर हम किसी वस्तु को संतुलित करते है। उसी प्रकार हमें भी जीवन को संतुलित करते के लिए अपना Center of Mass देखना चाहिए।
अपने सपनों की फंडिंग खुद ढूंढो!
अनिका, हमें अपने लक्ष्यों तक पहुँचने के लिए “अपॉर्चुनिटी हंटर” बनना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में मै इस बात को तुम्हे समझाता हुँ। एक रास्ता है कॉलेज की फीस खुद के पैसों से भरों दूसरा रास्ता है उस फीस को भरने के लिए रास्ता ढ़ूढों। जैसे-
प्रमुख स्कॉलरशिप्स जिन्हें तुम्हें चेक करते रहना है-
  • NMMS और NTSE (कक्षा 8-12): ये सरकारी परीक्षाएं तुम्हें स्कूली शिक्षा में वित्तीय मदद देंगी।
  •  HDFC 'बढ़ते कदम': हर साल इसके फॉर्म निकलते हैं, इसे सर्च करना तुम्हारा काम है।
  •  IDIA (Increasing Diversity): ये संस्था मेधावी बच्चों को ब्स्।ज् की तैयारी और लॉ कॉलेज की पूरी फीस में मदद करती है।
  • आदित्य बिड़ला और टाटा स्कॉलरशिप्स: ये भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स हैं।
इंटरनेट तुम्हारा सबसे बड़ा हथियार
  • स्मार्टफोन का इस्तेमाल इन पोर्टल्स को श्एक्सप्लोरश् करने के लिए करोर
  • National Scholarship Portal (NSP): सरकारी योजनाओं का सबसे बड़ा केंद्र।
  • Buddy4Study: यहाँ प्राइवेट कंपनियों की स्कॉलरशिप्स की अपडेट आती रहती है।
  • विद्या लक्ष्मी पोर्टलरू ₹7.5 लाख तक के एजुकेशन लोन के लिए बिना किसी श्गारंटीश् के आवेदन का रास्ता।

बेटा, सरकार और संस्थाएँ हर साल नई योजनाएं लाते है। हर साल अपने जन्मदिन पर, मुझे कम से कम ऐसी 3 नई स्कॉलरशिप्स या योजनाओं के बारे में बताना जिनके लिए तुम योग्य रहोगी। महँगी फीस की चिंता मेरी है, लेकिन उन अवसरों को ढूंढने और मेहनत करने की जिम्मेदारी तुम्हारी है। अगर तुम काबिल बनोगी, तो पूरी दुनिया तुम्हें पढ़ाने के लिए तैयार खड़ी है। बेटा, तुम जैन बीटा की वो लड़की बनो जो अपनी राह खुद बनाती है। जानकारी ही असली शक्ति है। जिस दिन तुम अपना रास्ता खुद ढ़ूढ़नें लगोगी वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद,
तुम्हारे पापा  

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